मशरूम-के-औषधीय-गुण
मशरूम की खेती

मशरूम के पौष्टिक गुण एवं औषधीय गुण : मशरूम खाने के चमत्कारी फायदे 2020

जैसा कि हम पिछले आर्टिकल में बात चुके है कि भारत में मशरुम उत्पाद की क्या संभावनाएं है किस किस प्रकार की मशरुम भारत में उगायी जा रही है। आज के आर्टिकल में हम मशरूम के पौष्टिक गुण एवं औषधीय गुण के बारे में बताएंगे।

मशरूम हमारे देश के लिए एक नवीन पौष्टिक एवं औषधीय गुणों से भरपूर खाद्य पदार्थ है जिसे भोजन के रुप में प्रचलित तथा प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। विकसित देशों की तुलना में प्रति व्यक्ति मशरूम की खपत भारत में बहुत कम है।

जैसे चीन में प्रति आदमी प्रति वर्ष मशरूम की खपत 22 से 25 किलो है इसकी तुलना में भारत में मात्र प्रति आदमी प्रति वर्ष लगभग 200 ग्राम खपत होती है। मशरूम उत्पादन व खपत को बढावा देने के लिए इसके गुणों का प्रसार करना बहुत आवश्यक है।

ये भी पढ़े:

 भारत में मशरूम उत्पादन की संभावनाएं और उनका वर्गीकरण 2020

बटन मशरुम की केसिंग मिट्टी को बनाने की उन्नत तकनीत व अच्छी केसिंग मिट्टी के गुण 2020

बटन मशरूम कम्पोस्ट: उच्च गुणवत्ता की खाद बनाने की उन्नत विधि Step-By-Step 2020

मशरुम फार्म बनाने से मशरुम बेचने तक बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियाँ 2020

बटन मशरुम की खेती के लिए कम लागत की झोपड़ी बना के पहली ही फसल से ले अच्छा मुनाफा 2020

मशरूम की पौष्टिक संरचना :

पानी                                         90 प्रतिशत

प्रोटीन                                       2.5-3.0 प्रतिशत

वसा                                         0.4-0.6 प्रतिशत

कार्बोहाइड्रेट                                 4-6 प्रतिशत

शुष्क पदार्थ                                 10 प्रतिशत

रेशा                                         1 प्रतिशत

मशरूम के पौष्टिक गुण :

मशरूम-के-पौष्टिक-गुण

मशरूम पौष्टिक गुणों से भरपूर है। ऐसे ही इसके कुछ चमत्कारी गुणों को नीचे विस्तार से समझाया गया है :

प्रोटीन से भरपूर

मशरूम का हमारे भोजन में वास्तव में प्रोटीन के स्रोत के रुप में खास महत्व है।

सूखी हुई ढिंगरी और अन्य सूखे मशरूम में प्रोटीन 20-30 प्रतिशत होती है। प्रोटीन की मात्रा से भी अधिक उसकी गुणवत्ता महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध किया है कि जंतु जनित प्रोटीन (दूध, अण्डा, मांस, मछली) वनस्पति जनित प्रोटीन की तुलना में बहुत अच्छी होती है।

उसका कारण है कि वनस्पति प्रोटीन में कुछ आवश्यक अमीनो अम्लों की कमी होती है। जैसे गेहूं और चावल में लाईसीन तथा ट्रिप्टोफेन की कमी है उसी तरह दालों में मिथियोनीन तथा सिस्टीन की कमी है। मशरूम के प्रोटीन की गुणवत्ता इसलिये अच्छी है कि इसमें सभी आवश्यक अमीनों अम्ल पाये जाते है।

मशरूम लाईसीन से भरपूर अच्छी गुणवत्ता की प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और मशरूम की प्रोटीन की पाचकता जंतु जनित प्रोटीन से जल्दी और ज्यादा होती है। यहां पर यह बता देना लाभदायक होगा कि प्रोटीन की सबसे ज्यादा आवश्यकता बढ़ते बच्चों, गर्भवती एवं दूध पिलाती माताओं को होती है।

मशरूम के सेवन से सेक्स पावर बढ़ता है

मशरुम मैं पर्याप्त मात्रा में जिंक पाया जाता है और जिंक की वजह से पुरुषों में पाए जाने वाले सेक्स हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा बढ़ जाती है। मशरूम का सेवन करने से धमनियों में ब्लड फ्लो अच्छा रहता है जिससे हमारे गुप्तांग में भी खून का बहाव तेज हो जाता है।

हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मददगार

मशरूम में आयरन भी पाया जाता है, इस तरह हीमोग्लोबिन बनाने के लिये सभी अवयव उपलब्ध है। इसलिए मशरूम हीमोग्लोबिन की कमी (एनीमिया) हेतु अति उत्तम खाद्य पदार्थ है। इसलिये गर्भावस्था में तथा एनीमिया के रोगियों के लिये मशरूम एक उत्तम आहार है।

विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स से भरपूर

मशरूम में विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स की प्रचुरता है। वैसे लगभग सारे फफूंद बी-काम्पलैक्स से भरपूर हैं। इसमें थायमीन, राइबोफ्लेविन, नियासिन इत्यादि बी -काम्पलेक्स विटामिन प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं।

विटामिन D और विटामिन B-12 से भरपूर

मशरूम विटामिन D का एक मात्र शाकाहारी स्रोत है। मशरुम एक मात्र सब्जी जो विटामिन D से भरपूर है जो रिकेटसिया (सूखे का रोग) में लाभकारी है। अगर मशरूम को धुप में या UV लाइट में 10-15 मिनट तक रखा जाये तो इसमें विटामिन डी की मात्रा 100 गुना से ज्यादा बढ जाती है। मशरूम के अंदर विटामिन B-12 भी पाया जाता है। यह दोनों विटामिन किसी भी सब्जी या दाल में नहीं होते और इसलिए शाकाहारी लोगों के लिए मशरूम इन का उत्तम स्रोत है।

मधुमेह और हृदय रोग के प्रतिरक्षा तथा निवारण हेतु

मधुमेह के रोगी को कम ऊर्जा अधिक प्रोटीन खाने की सलाह दी जाता है जो मशरूम में पायी जाती है। वसा कम है, थोड़ी ही सही अच्छी गुडवत्ता की वास है तथा कोलेस्ट्रॉल विहीन है। इन गुणों के कारण हृदय रोग के प्रतिरक्षण तथा निवारण हेतु मशरूम एक उत्तम आहार माना जाता है। जैसा कि आप अब जान गये है कि मशरुम खाने के कितने ही अनगिनत फायदे है। ये मधुमेह के रोगियों से लेकर ह्रदय के रागियों तक के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।

उच्च रक्तचाप में उत्तम आहार है

अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में मशरूम में पोटेशियम सोडियम का अनुपात अधिक है (10:1) यानी सोडियम की तुलना में पोटाशियम बहुत अधिक है जिससे मशरूम उच्च रक्तचाप में उत्तम आहार है।

कब्ज में फायदा

मशरुम में रेशा की मात्रा भी बहुत अधिक होती है। मयशरूम में रेशा की मात्रा (ताजा मशरुम में 1% तथा शुष्क मयशरूम में 10 %)। मशरुम का सेवन करने से कब्ज में भी फायदा पहुचता है। रेशा का महत्व भोजन में इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि इसमें रोगों से लड़ने की ताकत होती है ।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

मशरूम का सेवन करने से हमारे शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हमारे शरीर को पूरी मात्रा में फाइबर भी मिलता है।

मोटापा घटाने में सहायक

मशरूम कम ऊष्मा वाला भोजन होता है इसलिए ये मोटापा घटाने मैं सहायक होता है। मशरूम में जो प्रोटीन पाया जाता है उसको लीन प्रोटीन होता है और लीन प्रोटीन आहार वजन घटाने के लिए आदर्श है।

कैंसर रोग को बढने से रोकने की क्षमता

मशरूम में सेलेनियम नामक एक पदार्थ होता है जो कैंसर रोग को बढने से रोकता है। सेलेनियम में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेशन और एंटी कैंसर गुण होते हैं।

प्रतिरक्षण क्षमता को बढ़ता है

मशरुम मैं बीटा ग्लूकान एंव टरपीन भी पाया जाता है जो हमारी शरीर की प्रतिरक्षण क्षमता को बढ़ता है।

मशरूम के औषधीय गुण :

मशरूम-के-औषधीय-गुण

हम जानते है की है मशरूम में बहुत से औषधीय गुण भी पाये जाते हैं । कुछ मशरुम में ये औषधीय गुण इतने ज्यादा है कि उन मशरूम का मात्र दवा के रूप में प्रयोग हो रहा है ।

• कैंसर प्रतिरोधी क्षमता

• रक्तचाप कम करने का गुण ये मशरूम के बहुचर्चित औषधीय गुण है ।

आयस्टर मशरूम को किडनी रोगियों के लिए लाभदायक माना जाता है । रिशी मशरूम को कैंसर रोगियों के लिए लाभदायक माना जाता है , शिटाकी मशरूम ( Shitake Mushroom ) को हृदय रोगियों के लिए लाभदायक माना जाता है ,कॉर्डीसेप्स को मधुमेह रोगियों के लिए लाभदायक माना जाता है ।

मशरूम की खेती की ट्रेनिंग :

भारत मैं मशरुम की खेती का प्रशिक्षण बागवानी विभाग से ले सकते है इसकी वेबसाइट https://hortnet.gov.in/ है।

हमारे प्रिय पाठक यदि आप उपरोक्त जानकारी से संतुष्ट है तो लेख को अपने Social Media पर Share जरुर करें और आप हमारे YouTube Channel को Subscribe कर के हमसे जुड़ सकते है| अन्य जानकारियों के लिए आप हमारे Facebook Page को Follow कर सकते है और Twitter पर भी हमको Follow कर सकते है। 

What's your reaction?

Excited
0
Happy
0
In Love
0
Not Sure
0
Silly
0
SUNIL YADAV
I was born into a farmer's family in a village near Banaras. I completed my studies in mechanical engineering and I am the first engineer in my village. Since childhood, I have been more attracted to nature and wanted to do something that would keep me connected to farms and farmers. I love to do research and collect the latest information about agriculture, horticulture and then I write articles about them. If my farmer brothers benefit even a little from the articles I write, I will consider myself very lucky.

You may also like

2 Comments

  1. मशरूम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

    1. you’re welcome Dubey ji

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *